UP बनेगा बिजली में नंबर-1? रोस्टर व्यवस्था खत्म करने की मांग; महाराष्ट्र से छिड़ सकती है 'पावर जंग'

UP बनेगा बिजली में नंबर-1? रोस्टर व्यवस्था खत्म करने की मांग; महाराष्ट्र से छिड़ सकती है 'पावर जंग'

Will UP become number one in electricity?

Will UP become number one in electricity?

लखनऊ। Will UP become number one in electricity? बिजली आपूर्ति में देश के शीर्ष राज्यों में अभी भले ही उत्तर प्रदेश 1.65 लाख मिलियन यूनिट (एमयू) के साथ महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर है लेकिन राज्य में लागू रोस्टर व्यवस्था समाप्त होने पर पहले पायदान पर पहुंच सकता है।

वर्तमान में महानगर से लेकर सभी मंडल व जिला मुख्यालयों और उद्योगों को ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। गांव में 24 के बजाय 18 घंटे, बुंदेलखंड में 20 व तहसील-नगर पंचायत वाले कस्बों में अभी 21.30 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर लागू है।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उपभोक्ता अधिकार नियमों का हवाला देते हुए प्रदेश में रोस्टर व्यवस्था समाप्त कर वर्षभर सभी को समान रूप से 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने की मांग की है। अन्य राज्यों की तरह प्रदेश भी रोस्टर मुक्त होने पर बिजली के खपत के मामले में महाराष्ट्र को पीछे छोड़ सकता है।

परिषद अध्यक्ष व ऊर्जा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश वर्मा का कहना है कि उपभोक्ता अधिकार नियम 2020 के तहत देश के अन्य राज्यों में रोस्टर व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। सिर्फ प्रदेश में ही गांव, कस्बों व बुंदेलखंड की बिजली आपूर्ति में रोस्टर लागू है।

वर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि होली के मद्देनजर जब प्रदेशभर के गांव से लेकर सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दो दिन निर्बाध बिजली दी जा सकती है तब फिर गर्मी या ठंडी के मौसम में क्यों नहीं प्रदेशभर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा सकती है?

बढ़ती गर्मी से पहले वर्मा ने प्रदेश में भी रोस्टर व्यवस्था समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में होने वाले ब्रेकडाउन को भी तत्काल ठीक कर बिजली आपूर्ति बनाए रखा जाए।

गौरतलब है कि देश में बिजली आपूर्ति की स्थिति के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिजली की मांग (ऊर्जा आवश्यकता) और आपूर्ति के मामले में शीर्ष के पांच राज्यों में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और राजस्थान शीर्ष हैं। महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में रोस्टर नहीं लागू है जबकि प्रदेश में रोस्टर लागू होने पर 1.65 लाख एमयू बिजली की मांग व आपूर्ति है।

प्रमुख राज्यों की बिजली की मांग व आपूर्ति (एमयू में)

राज्य मांग आपूर्ति
महाराष्ट्र 2,01,816 2,01,757
उत्तर प्रदेश 1,65,090 1,64,786
गुजरात 1,51,878 1,51,875
तमिलनाडु 1,30,413 1,30,408
राजस्थान 1,13,833 1,13,529